राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, सहारनपुर द्वारा बच्चों के लिये एक ई- पत्रिका

Wednesday, February 6, 2013

वृक्ष - हमारे मित्र


 क्या आप जानते हैं की एक व्यक्ति को अपनी ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने के लिए ६२५ वर्ग मीटर हरी भरी जगह की जरूरत होती है ? यह एक बड़ा कारण है कि हम जानें कि भगवान ने जो खूबसूरत दुनिया बनायीं है और जिसको हमारे हवाले कर दिया है उसको हम अपने लालच और लापरवाही से खराब न करें | वृक्ष पृथ्वी पर रहने वाले सबसे बड़े और सबसे ज्यादा उम्र वाले प्राणी हैं | केलिफोर्निया में स्थित दुनिया के सबसे बड़े वृक्ष लगभग तीन हज़ार साल से भी ज्यादा आयु के हैं और उनको काटने में आदमी को सिर्फ तीन चार घंटे का समय चाहिए | अगर उस एक वृक्ष को काट दिया जाए तो हज़ारो नए लगाए गए पेड उसकी जगह नहीं ले सकते | वृक्ष चौबीस घंटे चुपचाप मानव की सेवा में लगे रहते हैं, न तो उनको किसी प्रशंसा की जरूरत होती है, ना ही उनका इसमें कोई स्वार्थ होता है | मानव वृक्षों के बिना नहीं जी सकता जबकि वृक्ष मानव के बिना मजे से जी सकते हैं |वृक्ष चौबीस घंटे काम करते हैं | ये जानना जरूरी है की कुछ ही घंटो में काट दिया जाने वाला एक वृक्ष कैसे हमें फायदा पहुंचाता है |

  साल के ३६५ दिन वृक्ष फोटोसिंथेसिस प्रक्रिया में नुकसानदायक कार्बन डाइ ऑकसाइड को सोखते हैं और करोडों रुपयों की जीवन दायिनी ऑक्सीजन को बाहर निकालते हैं | यह कार्बन डाइ ऑकसाइड ही वो गैस है जो धरती के तापमान को बढ़ा कर सबके लिए एक मुसीबत बनी हुई है | पौधे ही हमारे द्वारा पैदा की गयी लाखो लीटर कार्बन डाइ ऑकसाइड  को सोख कर उसको कम करने का काम करते हैं |

वृक्ष का जमीन पर कोई पर्याय नहीं है , वृक्ष जमीन पर सिर्फ सुंदरता बिखेरने के लिए ही नहीं खड़े हैं बल्कि वे हमारे जीवन का वह जरूरी हिस्सा है जिसके बिना जीवन की कल्पना करना व्यर्थ है | प्रस्तुत लेख वृक्षों द्वारा हमें दिए जाने वाली कुछ आवश्यक वस्तुओ के बारे में बताता है | अपने जीवन में एक वृक्ष लगाएँ और हमारे द्वारा वर्षों से बिना मूल्य चुकाए जो ऑक्सीजन प्रयोग में लायी जा रही है उसका क़र्ज़ उतारें |

  
  
 पौधे एक बहुत ही शानदार तरीके से हवा के लिए अवरोध का काम करते हैं | अगर पौधो का ये अवरोध खत्म  हो जाए तो धूल और रेत के तूफ़ान हमें कोई काम ही न करने दें | वृक्ष दिन में तापमान को नियंत्रित करते हैं और उसे एक सीमा से ज्यादा गर्म या ठंडा नहीं होने देते | वृक्षों की जड़ें सिर्फ जमीन की मिटटी को बहने से रोकती ही नहीं बल्कि जमीन में पानी को भी बनाये रखने में मदद करती हैं | वर्षा के समय में जड़ों द्वारा बनाये गए रास्तों के द्वारा वर्षा का पानी जमीन में जाकर हमें पीने का पानी मुहैय्या कराता है | वृक्षों की जड़ें खाद के रूप में, भोजन के रूप में और दवाइयों के रूप में इस्तेमाल होती हैं | जमीन पर इकठ्ठी हुई पत्तियाँ पानी को रोक कर उसे जमीन में जाने में मदद करती हैं और खाद के रूप में इस्तेमाल होती हैं | वृक्षों पर उगे हुए फूलो को चिड़ियाँ और कीड़े मकोड़े खाने के रूप में इस्तेमाल करते हैं | फूलो से रंग, दवाइयां, इत्र बनाए जाते हैं और फूल घरों को सजाने के काम भी आते हैं |

 वृक्ष ही बारिश का होना सुनिश्चित करते हैं | बाढ़ आने की दशा में वृक्ष धरती के लिए एक रक्षक का काम करते हैं | वृक्ष हज़ारो कीड़े मकोडो के लिए उनके घरों का इंतजाम करते हैं और चिड़ियाँ घोसले बना कर वृक्षों पर ही रहती हैं | पेड़ो की लकड़ी फर्नीचर, घर आदि बनाने के काम आती है | इसके अतिरिक्त खाने के लिए फल एवं सब्जियां , कॉफ़ी, जलाने को लकड़ी, कपडे, तेल, साबुन, शहद, झाड़ू और रोज़मर्रा की हज़ारों चीज़े हमें पेड़ों द्वारा ही मिलती हैं | सच तो ये है की हमारे जीवन का एक क्षण भी बिना पेड़ों की सहायता के नहीं चल सकता |


 लेकिन हमने वृक्षों के साथ क्या किया है ये सोचने की जरूरत है | पिछले सौ वर्षों में हमने दुनिया के लगभग नब्बे प्रतिशत वन नष्ट कर दिए | बाकी बचे वन पर भी भयंकर खतरा मंडरा रहा है | हर साल जंगलो में लगने वाली आग एवं चोरों द्वारा लगातार लकड़ी को काटने के कारण जंगल गहरी मुसीबत में हैं | हमारा क्या कर्तव्य है ये बताना कुछ जरूरी नहीं है | आइये वृक्षों से दोस्ती करे क्यूंकि वो सबसे सच्चे दोस्त हैं जो बदले में कुछ नहीं चाहते | अपने जन्मदिन पर या अपने किसी प्रिय की याद में हर साल एक वृक्ष लगाएँ |

पंखुरी सिंघल, कक्षा -10, पाइनवुड स्कूल, सहारनपुर द्वारा प्रस्तुत 

1 comments:

Post a Comment

Theme images by dem10. Powered by Blogger.

© 2011 तरुणोदय, AllRightsReserved.

Designed by प्राइमरी का मास्टर